मोदी ने किया इशारा, फडणवीस और मनोहर लाल बने रहेंगे मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ़ कर दिया है कि देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के और मनोहर लाल हरियाणा के मुख्यमंत्री बने रहेंगे.

गुरुवार को महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी मुख्यालय पहुंचे.

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने फडणवीस और मनोहर लाल की जमकर तारीफ़ की.

मोदी का कहना था, ''महाराष्ट्र में पिछले चुनाव में पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, हरियाणा में भी सिर्फ़ दो सीटों का बहुमत था, इसके बावजूद भी दोनों मुख्यमंत्रियों (फडणवीस और मनोहर लाल) ने सबको साथ लेकर पाँच वर्ष तक महाराष्ट्र और हरियाणा की जो सेवा की, ईमानदारी के साथ राज्य के विकास के लिए, जनता की भलाई के लिए अविरत कार्य करते रहे, ये उसी का परिणाम है कि उनपर जनता ने दोबारा अपना विश्वास जताया है.''

मोदी ने आगे कहा, ''उनके नेतृत्व में आने वाले पाँच वर्ष महाराष्ट्र के और हरियाणा के विकास की नई ऊंचाइयों को पार करने वाला कार्यकाल रहेगा, ऐसा मुझे पूरा भरोसा है.''

मोदी के इस बयान का मतलब यही लगाया जा रहा है कि उन्होंने देवेंद्र फडणवीस और मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बनाए रखने का फ़ैसला कर लिया है.

हरियाणा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और बहुमत से दूर है लेकिन मोदी ने इसे पार्टी की बड़ी जीत क़रार दिया है.

हरियाणा का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''हरियाणा में अपने आप में एक अभूतपूर्व विजय है. अभूतपूर्व इसलिए है क्योंकि आम तौर पर इन दिनों एक सरकार का पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा करके दोबारा जीतने की घटनाएं बहुत कम हैं. ऐसे वातावरण में दोबारा सबसे बड़े दल के रूप में विश्वास प्राप्त करने के आना बहुत बड़ी बात है.''

उन्होंने कहा कि 2014 विधानसभा चुनाव में हरियाणा में बीजेपी को 33 फ़ीसदी वोट मिले थे लेकिन 2019 के विधानसभा चुनाव में वो तीन फ़ीसदी बढ़कर 36 फ़ीसदी हो गए हैं.

लेकिन हरियाणा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर ज़रूर उभरी है लेकिन अपने दम पर सत्ता में वापसी नहीं कर सकी.

90 सीटों वाले हरियाणा विधानसभा में बीजेपी को 40 सीटें और कांग्रेस को 31 सीटों मिली हैं. नई पार्टी जेजेपी 10 सीटों के साथ तीसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

हरियाणा में बीजेपी दोबारा सरकार बना सकती है लेकिन उसे निर्दलीय विधायकों और दूसरी छोटी पार्टियों की मदद लेनी पड़ सकती है.

मोदी ने कहा कि 2014 के मुक़ाबले पार्टी ने तीन फ़ीसदी अधिक वोट हासिल किए लेकिन मोदी ने ये नहीं बताया कि सिर्फ़ छह महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी को क़रीब 58 फ़ीसदी वोट मिले थे फिर ऐसा क्या हुआ कि पार्टी को 22 फ़ीसटी वोटों का घाटा हुआ. चुनाव से पहले बीजेपी 'अबकी बार 75 पार' का दावा कर रही थी और इसी नारे के साथ चुनाव लड़ी थी. नतीजे आने के बाद बीजेपी की सात सीटें कम हो गईं.

इसके अलावा कांग्रेस और जेजेपी का बेहतर प्रदर्शन इस बात के सबूत हैं कि जाटों ने बीजेपी को वोट नहीं दिया या बहुत कम दिया है. बीजेपी के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता चुनाव हार गए. ये बीजेपी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.

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